एक अजनबी | Short Love Story in Hindi by Writer Akash

एक अजनबी | Short Love Story in Hindi by Writer Akash

Ek Ajnabi hindi love story by Writer Akash

हर रोज़ की तरह आज भी आरोही शाम 4:30 बजे ऑफिस से घर पहुँची और फ्रेश होकर हल्के नीले रंग का सूट पहनकर हाथ में पर्स लिए घर से एक पार्क की ओर निकल गयी जहाँ वो हर दिन अपने ऑफिस की थकान मिटाने और खुद के साथ कुछ वक्त बिताने जाया करती है।

आरोही जाकर एक बेंच पर बैठ गयी और आसपास के कुछ लोगों को देखने लगी। ज्यादातर वही लोग थे जो हर दिन उसे नज़र आते थे लेकिन फिर भी आज आरोही को एक कमी सी लग रही थी, उसकी आँखें जैसे किसी एक इंसान की तलाश में इधर उधर भटक रही थी लेकिन फिर उसने इस बारे में ज्यादा नही सोचा और अपना माइंड फ्रेश करने के लिए अपने पर्स से हैडफ़ोन निकाला और गाने सुनने लगी।
करीब 15 मिनट बाद उसकी नज़रें पार्क में लगे एक पेड़ की तरफ गयी जो उससेे कुछ दूर बगल में था और उसने देखा कि वही इंसान जिसे उसकी तलाश थी उसे नज़र आया।

हाथ मे गिटार लिए पेड़ के सहारे से बैठा एक लड़का जिसका नाम विहान है म्यूजिक बजा रहा था यह देखकर आरोही की आँखों मे एक अलग ही चमक आयी और वह ध्यान से म्यूजिक सुनने लगी लेकिन आज की म्यूजिक में उसे कुछ अलग सा लगा ऐसा लगा जैसे इस म्यूजिक में एक दर्द है तो उसने उस लड़के के चेहरे की तरफ देखा तो वह आरोही को थोड़ा परेशान लगा और यह देखकर आरोही को भी अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन वह जाकर उससे पूछ भी नहीं सकती थी क्योंकि ये पर्सनल मैटर था इसलिए उसने इसमें दखल देना ठीक नहीं समझा।

तभी आरोही ने अपने पर्स में से एक कागज़ निकाला और उसमें कुछ लिखकर एक बच्चे को बुलाया और विहान को वह लेटर देने को कहा और यह भी कहा कि वो विहान को न बताए कि ये उसे किसने दिया। वो बच्चा विहान को लेटर देकर चला गया और विहान लेटर पढ़ने लगा उसमे लिखा था
" मैं जानती हूँ कि मैं आपको नहीं जानती और न ही आप मुझे जानते हैं लेकिन मैं यह जरूर जानती हूँ की इस वक्त आप परेशान हैं। पिछले एक हफ्ते से मैं हर दिन आपको इस पार्क में इसी वक्त गिटार बजाते हुए देखती आयी हूँ और हर दिन आप खुश लगते हो आपका म्यूजिक सुनकर मेरी दिनभर की सारी थकान उतर जाती थी आज भी मैंने आपका म्यूजिक सुना बहुत अच्छा है लेकिन उसमें एक दर्द भी सुनाई दिया ऐसा लगा जैसे आप कुछ कहना चाहते हैं पर कह नही पा रहे हों। मैं बस आपसे इतना ही कहना चाहूंगी कि जब वक्त खराब हो या कोई प्रॉब्लम हो तो हमें ज्यादा नेगेटिव बातों के बारे में न सोचकर पॉजिटिव बातों पर ध्यान देना चाहिए। समस्या कितनी भी बड़ी हो वो हमसे बड़ी नही हो सकती। और आपके पास तो एक ऐसी कला है
“म्यूजिक” जो हर किसी के पास नही है और जिससे हर समस्या से लड़ने की ताकत मिलती है God Bless You n Take Care
- एक अजनबी

यह पढ़कर विहान की आंखें नम हो गयी और वो इधर उधर देखने लगा कि शायद वो लड़की उसे दिख जाए लेकिन आरोही फिर से हेडफ़ोन लगाकर गाने सुनने लगी और उसका पूरा ध्यान उसने मोबाइल में लगा लिया ताकि विहान समझ न पाए कि ये लेटर उसी ने लिखा है। पार्क में और भी बहुत सारे लोग थे इसलिए विहान ने ज्यादा ढूढ़ने की कोशिश नहीं की पर मन ही मन उसे बहुत अच्छा लग रहा था। वो कुछ देर के लिए अपनी प्रॉब्लम भूल चुका था और लेटर को देखकर नम आंखों से मुस्कुरा रहा था यह देखकर आरोही को भी खुशी हुई और उसकी भी आंखें नम होने लगी उसे ऐसा लगा जैसे लाइफ की सबसे बड़ी किक इसी में हो।

फिर उन दोनों के जाने का वक्त होने लगा आरोही जाने के लिए उठी ही थी कि उसने उसी लेटर के पिछले हिस्से में विहान को कुछ लिखते हुए देखा तो उसने सोचा वह कुछ देर और रुकेगी। विहान ने उस लेटर में कुछ लिखा और इस आस में की वह लड़की अब भी वही कही आसपास होगी लेटर को पत्थर में दबाकर वहाँ से चला गया। आरोही कुछ देर रुकी और विहान के जाने के बाद वह लेटर पढ़ा उसमे लिखा था

"मुझे नहीं मालूम आप कौन हैं और आप मुझे जानती भी हैं या नहीं लेकिन आज इस लेटर में आपने जो भी लिखा है उसे पढ़कर एक अलग ही अपनापन सा लगा ऐसा लगा जैसे कोई एक इंसान मुझे मुझ से बेहतर जानता है आपके लिखे हर एक लफ्ज़ ने मुझे जैसे कुछ पल के लिए मेरी परेशानियों से मीलों दूर लाकर छोड़ दिया हो। मेरा म्यूजिक तो सभी सुनते हैं लेकिन उसकी कदर करना हर कोई नहीं जानता और आज आपने मेरे म्यूजिक में से दर्द को तराश कर मुझे आपका कर्ज़दार कर दिया है। तो अगर आपको बुरा न लगे तो मैं आपसे मिलना चाहूँगा, कल इसी वक्त इसी जगह मैं आपका इंतजार करूँगा….n Thanks for this beautiful n amazing letter, see you tomorrow Bye!"
आरोही ने पूरा लेटर पढ़ा और उसे अपने पर्स में रखकर इस कश्मकश में की उसे कल विहान से मिलना चाहिए या नही वहाँ से चली गई।


“आरोही को यकीन नहीं हो रहा था कि किसी अजनबी के लिए लिखे उसके कुछ चंद अल्फ़ाज़ उसे इतनी खुशी दे सकते हैं। जहाँ वो हर दिन विहान के म्यूजिक में अपनी खुशी ढूँढती थी आज उसकी ही वजह से विहान के चेहरे पर एक मुस्कुराहट थी वहीं दूसरी तरफ विहान भी कुछ ऐसे ही ख्यालों में खोया था कि सिर्फ उसके म्यूजिक की वजह से वो आरोही जैसे कितने ही लोगों को खुशी दे पाता है और उसकी इस कला को उसने एक अरसे बाद फिर से जाना। लेकिन यह सब मुमकिन हो पाया आरोही के लिखे उस लेटर की वजह से, और शायद इसीलिए विहान ने आरोही को इन सभी बातों का शुक्रिया अदा करने उसे मिलने बुलाया।
लेकिन आरोही अभी भी ये तय नही कर पा रही थी कि उसे विहान से मिलना चाहिये या नहीं।”

और इस तरह शूरु हुई विहान और आरोही के विरोही बनने की कहानी। लेकिन क्या कल विहान आरोही से मिल पायेगा जानने के लिए पढ़िए अगला किस्सा।


यह कहानी कुछ किस्सों में लिखी गई है जिसका पहला किस्सा अभी आपने पढ़ा और मुझे उम्मीद है आपको यह पूरी कहानी पसंद आएगी और आगे भी ऐसी ही कहानी पढ़ने के लिए Website को SUBSCRIBE करना न भूलें।

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